Monday, July 16, 2012

सभी राशि वालों के लिए सटीक उपाय, बिगड़ी किस्मत भी चमक जाएगी

lalkitab remedies


रत्नों का ज्योतिष शास्त्र में काफी अधिक महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि रत्न धारण करने से संबंधित ग्रह के दोषों का निवारण हो जाता है और जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो जाती हैं। फोटो देखिए और जानिए कौन सा रत्न किस ग्रह के लिए, कौन से वार और समय में किस अंगुली में पहनना चाहिए...


 जिनकी कुंडली में सूर्य की महादशा चल रही हो उन्हें माणिक धारण करना चाहिए। इसके लिए रविवार का दिन सर्वश्रेष्ठ है। रविवार के दिन सूर्योदय के समय माणिक अनामिका अंगुली यानि रिंग फिंगर में धारण करना चाहिए।


मोती उन लोगों को धारण करना चाहिए जिन लोगों को चंद्र की महादशा चल रही हो। किसी भी सोमवार को शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच अनामिका या कनिष्ठा (सबसे छोटी अंगुली) में मोती धारण करना चाहिए।


मंगल की महादशा में मूंगा धारण करना सबसे अच्छा उपाय है। मंगलवार के दिन शाम 5 बजे से 7 बजे के बीच मूंगा अनामिका यानि रिंग फिंगर में धारण करने पर श्रेष्ठ फल प्राप्त होते हैं।






 जिन लोगों की कुंडली में बुध की महादशा चल रही हो उन्हें पन्ना धारण करना चाहिए। पन्ना धारण करने के लिए बुधवार श्रेष्ठ दिन है। दिन के समय 12 बजे से 2 बजे तक सबसे छोटी अंगुली में पन्ना धारण करें।




 पुखराज उन लोगों को धारण करना चाहिए जिन्में गुरु की महादशा चल रही हो। इसके लिए गुरुवार श्रेष्ठ दिन है। गुरुवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच तर्जनी अंगुली यानि इंडेक्स फिंगर में धारण करना चाहिए।




जिन लोगों को शुक्र की महादशा चल रही है उन्हें हीरा धारण करना चाहिए। इसके लिए शुक्रवार सबसे अच्छा दिन है। शुक्रवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे के बीच हीरा मध्यमा अंगुली यानि मिडिल फिंगर में पहनना चाहिए।




यदि किसी व्यक्ति को शनि की महादशा चल रही है उन्हें नीलम धारण करना चाहिए। नीलम धारण करने के लिए शनिवार सबसे अच्छा दिन है। शाम 5 बजे से 7 बजे तक मिडिल फिंगर यानि मध्यमा अंगुली में नीलम धारण किया जा सकता है।




जिन लोगों को राहु या केतु की दशा चल रही है उन्हें गोमेद धारण करना चाहिए। इसके लिए शनिवार श्रेष्ठ दिन है। शनिवार को सूर्यास्त के बाद मिडिल फिंगर या मध्यमा अंगुली में गोमेद धारण करें।



ध्यान रहे किसी भी रत्न को धारण करने से पूर्व किसी विशेषज्ञ ज्योतिषी से परामर्श अवश्य लें। कभी-कभी रत्न का प्रभाव बहुत जल्दी हो जाता है। कुछ परिस्थितियों में रत्न विपरित प्रभाव भी दे सकते हैं अत: बिना ज्योतिषी के परामर्श के रत्न धारण न करें।







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